समाज के लोग अपने बच्चों की शिक्षा पर दें ध्यान, इसी से समाज, प्रदेश व देश का नाम होता रोशन:राजेश नागर

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समाज के लोग अपने बच्चों की शिक्षा पर दें ध्यान, इसी से समाज, प्रदेश व देश का नाम होता रोशन:राजेश नागर
-खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग राज्यमंत्री राजेश नागर ने 21 लाख रुपए देने की करी घोषणा
-समाज के लोगों को अपील करते हुए बोले, मरणोपरांत शोक 13 दिन की बजाय 7 दिन में करें
कुरुक्षेत्र, 3 फरवरी। हरियाणा के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग मंत्री राजेश नागर ने कहा कि गुर्जर समाज के लोग अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलवाने पर ध्यान दें। शिक्षा ही एकमात्र ऐसा जरिया है जिसके माध्यम से समाज, प्रदेश व देश का नाम रोशन होता है। शिक्षित व्यक्ति समाज को ऊपर तक लेकर जाने में अहम भूमिका निभाता है।
हरियाणा के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग राज्यमंत्री राजेश नागर मंगलवार को गुर्जर धर्मशाला के 44 वें स्थापना समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। राज्यमंत्री राजेश नागर ने धर्मशाला को अपने निजी कोष से 21 लाख रुपए देने की घोषणा की। इसके साथ ही समाज के किसी भी कार्य के लिए हर समय सहयोग दिए जाने का आश्वासन दिया। राज्यमंत्री राजेश नागर ने कहा कि समाज के लोगों की धर्मशाला के साथ लगती रेलवे की भूमि, कोचिंग सेंटर के लिए सेक्टर में प्लाट की मांग को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सामने रखकर पूरा करवाया जाएगा।
हरियाणा के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग मंत्री राजेश नागर ने कहा कि कुरुक्षेत्र प्रदेश की सीएम सिटी है। यहां पर होने वाले किसी भी कार्य के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मना नहीं करते। गुर्जर समाज द्वारा रखी गई इन मांगों को भी पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र की गुर्जर धर्मशाला सबसे बड़ी धर्मशाला है। जो अन्य धर्मशालाओं में समाज के लोगों के लिए प्रेरणा का काम कर रही है। आज तक इस धर्मशाला में कभी भी चुनाव नहीं हुआ है। दूसरी धर्मशालाओं में जब चुनाव की बात होती है तो कुरुक्षेत्र की धर्मशाला का नाम लेकर उन्हें शांत किया जाता है।
हरियाणा के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग मंत्री राजेश नागर ने समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि मरणोपरांत शोक को 13 दिनों तक मनाया जाता है, जो उस समय की प्रथा जब सगे संबंधियों, रिश्तेदारों के पास संपर्क करने के लिए फोन व अन्य फास्ट सुविधा नहीं होती थी। सभी जानकार 13 दिनों के अंदर पहुंचकर शोक व्यक्त करते थे। आज दिन के दिन ही सूचना सभी तक पहुंच जाती है। ऐसे में इस शोक अवधि को 7 दिनों तक किया जाना चाहिए। कई समाज के लोग तो 3-4 दिन तक सीमित रखते हैं। उन्होंने कहा कि भले ही इस परिवारजन 13 दिनों तक अपनी रस्मों को निभाते रहें।
हरियाणा के पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि वर्ष 1983 में गुर्जर धर्मशाला के रूप में लगा पौधा अब वट वृक्ष बन चुका है। इस धर्मशाला में हमारे बुजुर्गों ने अपने संस्कार और प्यार को एक-एक ईंट में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि शहर में जब भी कोई काम होता है तब सबसे पहले धर्मशालाओं को याद किया जाता है और धर्मशालाएं सरकार व प्रशासन का उम्मीदों से भी बढ़कर सहयोग करती हैं। इस धर्मशाला की सभी मांगों को राज्यमंत्री राजेश नागर के साथ मिलकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक पहुंचाया जाएगा।
गुर्जर धर्मशाला के प्रधान ऋषिपाल कसाना ने कहा कि धर्मशाला में अब तक सभी प्रधानों ने समाज के लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए कार्य किया है। धर्मशाला में युवाओं के लिए छात्रावास तैयार किया है। इसके अलावा कंप्यूटराइज लाइब्रेरी बनाई हुई है। धर्मशाला में रहने व खाने की पूरी व्यवस्था है। उन्होंने समाज के लोगों द्वारा लगातार किए जा रहे सहयोग से सभी का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रीय प्रधान अनंत राम ने भी संबोधित किया।
गुर्जर नेता राव सुरेंद्र सिंह ने कहा कि कुरुक्षेत्र की धर्मशाला गुर्जर समाज की सबसे बड़ी धर्मशाला है। धर्मशाला का नाम राष्ट्रीय गुर्जर धर्मशाला रखा जाना चाहिए। इस बात पर समारोह में मौजूद सभी लोगों ने सहमति जताई।
इस मौके पर राष्ट्रीय प्रधान अनंत राम, चेयरमैन राजपाल तंवर, ब्लॉक समिति पिहोवा चेयरपर्सन पिंकी देवी, एडवोकेट ज्ञानचंद कसाना, नरेश आर्य, ओमप्रकाश राठी, प्रेमचंद गांगल, अजमेर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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