स्कूल के पुराने दिन बुहत सही थे,दिलवाले दोस्त थे और गुरूजनों को सम्मान दिया जाता था- देवेंद्र अग्रवाल
फरीदाबाद। सराय ख्वाजा के राजकीय आर्दश वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्कूल के ही पूर्व छात्र रहे जिला शिकायत निवारण समिति सदस्य एवं सीएम विडों ऐमिनेट पर्सन देवेन्द्र अग्रवाल(देबू भाई) ने लगभग 251 गरीब जरूरतमंद बच्चों को गर्म जर्सी वितरित की। इस मौके पर बुद्व प्रकाश तायल,दिनेश जी,कालू सेठ,शिव कुमार गर्ग,सचिन मंगला,सुशील यादव,मुकेश अग्रवाल,संजय अग्रवाल,जितेन्द्र गर्ग,संजीव कंसल,प्रधानाचार्य कैलाश व अध्यपिका रजनी भी उपस्थित थे। इस मौके पर देवेन्द्र अग्रवाल ने अपने स्कूल के पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि स्कुल के पुराने दिन बुहत सही थे। दिलवाले दोस्त थे और गुरूजनों को सम्मान दिया जाता था। लेकिन आज नौजवान पीढ़ी को अच्छे संस्कार देने की निहायत जरूरत है। आज समाज और हमारे परिवार बंटते जा रहे है जिसके कारण बच्चों पर सीधा असर नजर आने लगा है। पहले जहां बच्चे हर चीज को आपस में सांझा करते थे परन्तु आज स्थिति यह आ गई है कि परिवार में दो बच्चे पर सभी को अलग अलग वस्तु हाथ में थमा दी जाती है जबकि परंपरा अनुसार एक वस्तु को सांझा करने की आदत बच्चों में डालनी चाहिए। इससे बच्चों में अच्छे संस्कार पैदा होते है। उन्होनें कहा कि आज हमारी स्कूली शिक्षा का रूप बिगड़ता जा रहा है। वह नीरज,उबाऊ और बोझिल होती जा रही है। जरूरत है बच्चों को शिक्षा आनंददायी तरीके से मिले। यह तभी संभव होगा जब हमारी अध्यापक बच्चों को वैकल्पिक तरीके से पढ़ाएं। इसमें स्वंय अध्यापकों को रचनात्मक बनना पड़ेगा और नए नए विकल्प खोजनें पडग़ें।



