भोपाल/मुंबई, 9 अप्रैल 2026: (ANURAG SHARMA) रेल यात्रा के दौरान एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां एक वर्दी पहने व्यक्ति ने खुद को रेलवे पुलिस स्टाफ बताया और आरक्षित कोच के डिब्बे में आराम से यात्रा कर रहा था। साथ ही एक अन्य व्यक्ति ने भी रेलवे स्टाफ होने का दावा कर आरक्षित सीट पर कब्जा जमाया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस फोटो से यात्रियों में भारी आक्रोश फैल गया है। क्या रेलवे मंत्रालय ने इन्हें किसी की बुक सीट पर बैठने की अनुमति दी है? सवाल उठ रहा है कि ऐसी धोखाधड़ी पर सख्ती क्यों नहीं?
फोटो में साफ दिख रहा है कि वर्दीधारी व्यक्ति रेलवे पुलिस का स्टाफ बनकर आरक्षित कोच में बैठा है, जबकि दूसरा व्यक्ति सिविल ड्रेस में रेलवे कर्मचारी बनकर सीट पर विराजमान है। रेलवे नियमों के अनुसार, केवल अधिकृत स्टाफ को ही ड्यूटी पर बिना टिकट यात्रा की छूट है, लेकिन फर्जी तरीके से यात्रियों की सीट हड़पना अपराध है। रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 55 के तहत ऐसा करना दंडनीय है, जिसमें जुर्माना या जेल हो सकती है।
यात्रियों ने बताया कि ऐसी घटनाएं आम हो गई हैं, जिससे गरीब यात्री परेशान हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे को TTE और RPF की निगरानी बढ़ानी चाहिए। हमारी मांग है कि रेलवे मंत्रालय इस फोटो की जांच करे, फर्जी स्टाफ को तुरंत पकड़े और कड़ी कार्रवाई करे
रेलवे पुलिस के नाम पर फर्जीवाड़ा: आरक्षित सीटों पर अवैध कब्जा, यात्रियों में रोष!
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