Saturday, January 28, 2023
Home धर्म 165 साल बाद ऐसा संयोग, पितृपक्ष के 1 महीने बाद आएगी नवरात्र

165 साल बाद ऐसा संयोग, पितृपक्ष के 1 महीने बाद आएगी नवरात्र

- Advertisement -

Front News Today: हर साल पितृ पक्ष के समापन के अगले दिन से नवरात्र का आरंभ हो जाता है और घट स्‍थापना के साथ 9 दिनों तक नवरात्र की पूजा होती है। यानी पितृ अमावस्‍या के अगले दिन से प्रतिपदा के साथ शारदीय नवरात्र का आरंभ हो जाता है जो कि इस साल नहीं होगा। इस बार श्राद्ध पक्ष समाप्‍त होते ही अधिकमास लग जाएगा। अधिकमास लगने से नवरात्र और पितृपक्ष के बीच एक महीने का अंतर आ जाएगा। आश्विन मास में मलमास लगना और एक महीने के अंतर पर दुर्गा पूजा आरंभ होना ऐसा संयोग करीब 165 साल बाद होने जा रहा है।
लीप वर्ष होने के कारण ऐसा हो रहा है। इसलिए इस बार चातुर्मास जो हमेशा चार महीने का होता है, इस बार पांच महीने का होगा। ज्योतिष की मानें तो 160 साल बाद लीप ईयर और अधिकमास दोनों ही एक साल में हो रहे हैं। चातुर्मास लगने से विवाह, मुंडन, कर्ण छेदन जैसे मांगलिक कार्य नहीं होंगे। इस काल में पूजन पाठ, व्रत उपवास और साधना का विशेष महत्व होता है। इस दौरान देव सो जाते हैं। देवउठनी एकादशी के बाद ही देव जागृत होते हैं।
इस साल 17 सितंबर 2020 को श्राद्ध खत्म होंगे। इसके अगले दिन अधिकमास शुरू हो जाएगा, जो 16 अक्टूबर तक चलेगा। इसके बाद 17 अक्टूबर से नवरात्रि व्रत रखे जाएंगे। इसके बाद 25 नवंबर को देवउठनी एकादशी होगी। जिसके साथ ही चातुर्मास समाप्त होंगे। इसके बाद ही शुभ कार्य जैसे विवाह, मुंडन आदि शुरू होंगे।
पंचांग के अनुसार इस साल आश्विन माह का अधिकमास होगा। यानी दो आश्विन मास होंगे। आश्विन मास में श्राद्ध और नवरात्रि, दशहरा जैसे त्योहार होते हैं। अधिकमास लगने के कारण इस बार दशहरा 26 अक्टूबर को दीपावली भी काफी बाद में 14 नवंबर को मनाई जाएगी।

क्‍या होता है अधिक मास
एक सूर्य वर्ष 365 दिन और करीब 6 घंटे का होता है, जबकि एक चंद्र वर्ष 354 दिनों का माना जाता है। दोनों वर्षों के बीच लगभग 11 दिनों का अंतर होता है। ये अंतर हर तीन वर्ष में लगभग एक माह के बराबर हो जाता है। इसी अंतर को दूर करने के लिए हर तीन साल में एक चंद्र मास अतिरिक्त आता है, जिसे अतिरिक्त होने की वजह से अधिकमास का नाम दिया गया है।
अधिकमास को कुछ स्‍थानों पर मलमास भी कहते हैं। दरअसल इसकी वजह यह है कि इस पूरे महीने में शुभ कार्य वर्जित होते हैं। इस पूरे माह में सूर्य संक्रांति न होने के कारण यह महीना मलिन मान लिया जाता है। इस कारण लोग इसे मलमास भी कहते हैं। मलमास में विवाह, मुंडन, गृहप्रवेश जैसे कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं।
पौराणिक मान्‍यताओं में बताया गया है कि मलिनमास होने के कारण कोई भी देवता इस माह में अपनी पूजा नहीं करवाना चाहते थे और कोई भी इस माह के देवता नहीं बनना चाहते थे, तब मलमास ने स्‍वयं श्रीहरि से उन्‍हें स्‍वीकार करने का निवेदन किया। तब श्रीहर‍ि ने इस महीने को अपना नाम दिया पुरुषोत्‍तम। तब से इस महीने को पुरुषोत्‍तम मास भी कहा fजाता है। इस महीने में भागवत कथा सुनने और प्रवचन सुनने का विशेष महत्‍व माना गया है। साथ ही दान पुण्‍य करने से आपके लिए मोक्ष के द्वार खुलते हैं।

- Advertisement -

Stay Connected

1,058FansLike
374SubscribersSubscribe

Must Read

आगरा ताइक्वांडो के लिए शानदार रहा 2022 !

आगरा,उत्तर प्रदेश : वर्ष 2022 आगरा ताइक्वांडो के लिए शानदार रहा यहाँ के एक दर्जन से अधिक महिला व पुरुष खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय...

हरियाणा की राजनीति में 17 सूत्रीय संघर्ष समिति रचेगी इतिहास: करतार भड़ाना

फरीदाबाद:-(GUNJAN JAISWAL) हरियाणा सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री करतार सिंह भड़ाना के 17 सूत्रीय मांगो की चर्चा हरियाणा प्रदेश के हर जिले और कस्बों...

धूमधाम से मनाया जाएगा 74 वां गणतंत्र दिवस समारोह : विक्रम सिंह

- 74 वें गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर डीसी ने अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी - कहा, जिस विभाग को जो भी दायित्व मिला है उसे पूरी...

निरंकारी सत्गुरु का नववर्ष पर मानवता को दिव्य संदेश

ब्रह्मज्ञान का ठहराव ही जीवन में मुक्ति मार्ग को प्रशस्त करता है- निरंकारी सत्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज                 दिल्ली:- “ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति से जीवन में वास्तविक भक्ति का आरम्भ होता है और उसके ठहराव से हमारा जीवन भक्तिमय एंव आनंदित बन जाता है।“...

Related News

आगरा ताइक्वांडो के लिए शानदार रहा 2022 !

आगरा,उत्तर प्रदेश : वर्ष 2022 आगरा ताइक्वांडो के लिए शानदार रहा यहाँ के एक दर्जन से अधिक महिला व पुरुष खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय...

हरियाणा की राजनीति में 17 सूत्रीय संघर्ष समिति रचेगी इतिहास: करतार भड़ाना

फरीदाबाद:-(GUNJAN JAISWAL) हरियाणा सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री करतार सिंह भड़ाना के 17 सूत्रीय मांगो की चर्चा हरियाणा प्रदेश के हर जिले और कस्बों...

धूमधाम से मनाया जाएगा 74 वां गणतंत्र दिवस समारोह : विक्रम सिंह

- 74 वें गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर डीसी ने अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी - कहा, जिस विभाग को जो भी दायित्व मिला है उसे पूरी...

निरंकारी सत्गुरु का नववर्ष पर मानवता को दिव्य संदेश

ब्रह्मज्ञान का ठहराव ही जीवन में मुक्ति मार्ग को प्रशस्त करता है- निरंकारी सत्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज                 दिल्ली:- “ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति से जीवन में वास्तविक भक्ति का आरम्भ होता है और उसके ठहराव से हमारा जीवन भक्तिमय एंव आनंदित बन जाता है।“...

बेरोजगारो की बारात का न्योता देने दादरी पहुंचे नवीन जयहिन्द

*मुख़्यमंत्री द्वारा खेल मंत्री का बचाव, बेशर्मी की हद - नवीन जयहिन्द* चरखी दादरी । जैसा कि आप जानते है कि नवीन जयहिन्द ऐलान कर...
- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

2 + thirteen =