फरीदाबाद पुलिस ने किये सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता बंदोबस्त, 2000 से अधिक पुलिसकर्मी रहेगें तैनात
पुलिस उपायुक्त एनआईटी, मकसूद अहमद होंगे मेला के नोडल अधिकारी
600 से अधिक CCTV कैमरे की निगरानी में सुरक्षा व्यवस्था पर रहेगी पैनी नजर
फरीदाबाद- सूरजकुंड में आयोजित किया जा रहा 39वां सूरजकुंड इंटरनेशनल आत्मनिर्भर क्राफ्ट फेस्टिवल-2026, 31 जनवरी से आरम्भ हो रहा है। जिसके लिए फरीदाबाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक प्रबंध कर लिये हैं। सुरक्षा व्यवस्था में मद्देनजर 2000 से अधिक पुलिस कर्मचारी नियुक्त किये गये हैं। पुलिस उपायुक्त एनआईटी, मकसूद अहमद को मेला का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिनकी सहायता के लिए 17 एसीपी/डीएसपी स्तर के अधिकारी नियुक्त रहेंगे।
आज 29 जनवरी को पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने मेला ड्यूटी में नियुक्त अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में समीक्षा गोष्ठी कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये हैं।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि मेला ड्यूटी के लिए स्वास्थ्य में फिट कर्मचारियों की ही ड्यूटियां लगाई जाए। ड्यूटी पर नियुक्त कर्मचारियों को निर्देशित किया जाये कि आमजन के साथ उनका व्यवहार अच्छा हो, साथ ही पुलिस कर्मचारियों का टर्न आउट बेहतर होना चाहिए। सभी कर्मचारी पहचान पत्र के साथ ड्युटियां करेंगे। पुलिस बल के रहने का उचित बंदोबस्त हो, खाने-पीने व रहने की सुविधा ठीक प्रकार से उपलब्ध कराई जाए ताकि उनको ड्युटियां करने में कोई असुविधा ना हो।
उन्होंने आगे कहा कि वीकेंड पर भीड़ को देखते हुए मेला में अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाये। मेला में चिकित्सा सुविधा, एंबुलेंस उपलब्ध हो। आगंतुकों की चेकिंग/फ्रिस्किंग भली प्रकार से की जाए, साथ ही प्रवेश द्वारों पर महिला पुलिस कर्मचारियों की भी ड्युटियां लगनी सुनिश्चित की जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रवेश द्वारों पर बैग स्कैनर से सामान की चेकिंग की जाये। रात के समय सभी प्रवेश द्वारों पर एक रजिस्टर लगाया जायेगा, जिसमें आने वाले सभी व्यक्तियों के इंद्राज सुनिश्चित हो। मेला के सिक्योरिटी गार्ड की वेरिफिकेशन की जाये तथा उनके साथ मीटिंग की जाये।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि आमजन को कोई असुविधा ना हो, इसके लिए पर्याप्त संख्या में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए यातायात संकेत लगवाये गये हैं ताकि वाहनों की पार्किंग में असुविधा न हो। ट्रैफिक व्यवस्था प्रभारी को निर्देशित किया गया है कि सड़क/मार्ग पर कोई भी वाहन पार्क ना हो।
डीसीपी अपराध को निर्देशित किया गया कि सीमावर्ती राज्य/ जिला की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया जाए।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मेला में लगाई गई ड्युटियां 2 शिफ्टों में रहेंगी। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मेला को 6 पुलिस जोन में बाटा गया है, प्रत्येक जोन का सुपरविजन एक ACP/DSP स्तर के अधिकारी का होगा। मेला में VVIP गेट सहित कुल 5 प्रवेश द्वार बनाये गये है। जहां पर सुरक्षा के मद्देनजर DFMD लगाये गये है, साथ ही HHMD सहित सुरक्षाकर्मी भी तैनात किये गये है। मेला परिसर में 12 मचान बनाई गई है। जहां पर पुलिस कर्मचारी दूरबीन के साथ निगरानी रखेंगें। इसके साथ ही मेला परिसर के विभिन्न जोन में 10 पिकेट लगाई गई है, जहां पर प्रत्येक पिकेट पर कमांडो कर्मचारी असला व वॉकी टॉकी सेट सहित नियुक्त रहेगें। इसके अतिरिक्त सिविल पारचात में भी पुलिस कर्मचारियों की ड्युटियां लगाई गई है।
मेले में 600 से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले CCTV कैमरों के माध्यम से आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गतिविधियों पर सुरक्षा की दृष्टी से बारीकी से नजर रखी जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अपराध शाखा व महिला पुलिसकर्मियों को सिविल पारचात में तैनात किया गया है। एंटी डिस्पोजल टीम व डॉग स्कॉड टीम की भी ड्युटियां 24 घंटे के लिए लगाई गई हैं। मेला की सुरक्षा में चारदिवारी के साथ 3 शिफ्ट में 6 नाके लगाए गए है साथ ही बाहरी सुरक्षा व यातायात प्रबंधन के लिए अलग से 10 नाके तथा 9 बैरिकेट प्वॉईट पर सुरक्षाकर्मी नियुक्त किये गये हैं।
मेला परिसर में ड्रोन के माध्यम से भी मेला क्षेत्र की निगरानी की जाएगी। मेला में आगुंतकों की सुविधा के मद्देनजर पुलिस कंट्रोल रुम बनाया गया है। जहां पर कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की पुलिस मदद व आपात स्थिति में संपर्क करके पुलिस की सहायता प्राप्त कर सकता है इसके साथ ही खोया-पाया काउंटर भी बनाया गया है जहां पर किसी वस्तू या व्यक्ति के गुम होने की सूचना दी जा सकती है।
यातायात व्यवस्था के मद्देनजर पार्किंग व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया गया है। इस बार मेले में 11 सामान्य पार्किंग बनाई गई है। जहां पर यातायात पुलिस कर्मचारियों द्वारा सुचारु रुप से वाहनों की पार्किंग कराई जाएगी। यातायात व्यवस्था को सुचारु रुप से बनाए रखने के लिए 4 PCR व 6 RIDER की ड्यूटियां लगाई गई है। जो दिन-रात 2 शिफ्टों में लगातार ड्यूटियां करेंगी। आमजन भी मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।



