फुलवाडी में कांग्रेस प्रत्याशी का हुआ जोरदार स्वागतफरीदाबाद। लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी एवं इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी पूर्व केबिनेट मंत्री चौधरी महेन्द्र प्रताप...
कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी ने बडौली सहित एक दर्जन चुनावी सभाओं में मांगा समर्थनफरीदाबाद। कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी एवं पूर्व केबिनेट मंत्री चौधरी महेन्द्र...
- हर्षित मिनोचा, एमआरआईएस नोएडा ने 99.2% और अदिति श्रीवास्तव, एमआरआईएस नोएडा ने 3 विषयों में 100 अंकों के साथ सीनियर सेकेंडरी में 99% अंक पाए
- प्रभनूर कौर करवाल, एमआरआईएस लुधियाना ने 98.5% के साथ लुधियाना टॉपर्स सूची में दूसरा स्थान हासिल किया।
- निष्कर्ष पाराशर, एमआरआईएस सेक्टर 14 फरीदाबाद ने सेकेंडरी में 99% अंक प्राप्त किए
फरीदाबाद, 14 मई, 2024 -
मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल (एमआरआईएस) के परीक्षार्थियों ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी कक्षा परिणाम में इस साल भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए नाम चमकाया है।
उत्तर भारत में फरीदाबाद और गुरुग्राम सहित नोएडा, लुधियाना और मोहाली में आठ स्कूलों के नेटवर्क, मानव रचना इंटरनेशनल स्कूलों ने बोर्ड में 100% परिणाम के साथ अपनी छाप छोड़ी है। मानव रचना का हर शैक्षिक केंद्र छात्रों के शैक्षिक और समग्र विकास के साथ ही उन्हें सीखने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करने को समर्पित हैं।
कक्षा दसवीं में कुल 814 परीक्षार्थी और बारहवीं कक्षा में कुल 696 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिनका परीक्षा परिणाम 100 % रहा है।
एमआरआईएस, सेक्टर 14, फरीदाबाद दसवींनिष्कर्ष पराशर - 99%बारहवींवंशिका सिन्हा - 98.25%अनन्या गुप्ता - 98.25 %सानवी छाबड़ा - 98%सान्या सेठी - 98%तेजस सेठी - 98%एमआरआईएस, नोएडा दसवींहर्षित मिनोचा - 99.2% बारहवीं अदिति श्रीवास्तव - 99%मान्या अग्रवाल - 98%आन्या जैन - 98%वेदांत तोमर - 97%निश्चय सिंह - 97% एमआरआईएस सेक्टर 46, गुरुग्राम दसवींपरम प्रणव - 98.4% बारहवींअनुषा पालीवाल - 98.5%मिशा कालरा - 98%अश्मिता अहलावत - 97.8%शुभांगी जैन - 97.3% एमआरआईएस, सेक्टर- 51, गुरुग्राम दसवींनफिया अयूब खान -...
-जस्टिस आरसी लाहोटी के कानूनी जगत में समृद्ध योगदान को समर्पित है लेक्चर सीरीज़
-भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और मानव रचना स्कूल ऑफ लॉ एडवाइजरी बोर्ड के अध्यक्ष जस्टिस यूयू ललित रहे सम्मानित
फरीदाबाद, 11 मई
मानव रचना विश्वविद्यालय (एमआरयू) के स्कूल ऑफ लॉ की ओर से शनिवार को प्रतिष्ठित जस्टिस आरसी लाहोटी मेमोरियल लेक्चर सीरीज़ का आयोजन किया गया। माननीय जस्टिस आरसी लाहोटी की समृद्ध कानूनी विरासत की स्मृति में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि भारत के पूर्व राष्ट्रपति माननीय श्री राम नाथ कोविन्द ने शोभा बढ़ाई, जबकि बतौर सम्मानित अतिथि भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश माननीय जस्टिस यूयू ललित शामिल हुए।
संस्थान में शुरू की गई इस लेक्चर सीरीज़ के जरिए जस्टिस आरसी लाहोटी की ओर से कानून के क्षेत्र में किए गए विशिष्ट कार्यों और योगदानों के बारे में युवाओं को जागरूक कर उन्हें सही मार्ग दिखाना है। भावी कानूनी पेशेवर जस्टिस आरसी लाहोटी के जीवन दर्शन, कानूनी फैसलों और मानवीय हितों के लिए किए गए कार्यों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ें और देश के विकास में सार्थक योगदान दे, यही इस लेक्चर सीरीज़ का उद्देश्य है।
कार्यक्रम की शुरुआत में स्वागत भाषण देते हुए एमआरयू के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) दीपेंद्र कुमार झा ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि जस्टिस आरसी लाहोटी अपने नैतिकता और मूल्यों के जीवन संदेशों से छात्रों के लिए प्रेरणास्त्रोत बने हुए हैं। जस्टिस आरसी लाहोटी ने मानव रचना विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ लॉ के लिए लॉ एडवाइजरी बोर्ड की स्थापना की, रतन लाल लाहोटी लाइब्रेरी ऑफ लॉ का उद्घाटन किया और रतन लाल लाहोटी गोल्ड मेडल की स्थापना की, जो सभी शैक्षणिक प्रेरणा के स्रोत और गर्व की बात है।
जस्टिस यूयू ललित ने कहा कि भारत के 35 वें मुख्य न्यायाधीश और मानव रचना विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ में सलाहकार बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष के तौर पर आरसी लाहोटी ने कानूनी परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ी है। जस्टिस आरसी लाहोटी के जीवन से जुड़े अहम फैसलों के जरिए उनके जीवन के सार को सभी को सामने रखा। उन्होंने कहा कि जस्टिस लाहोटी ने जीवन में 342 से ज्यादा फैसले सुनाए और इन फैसलों में उनकी अदालती दलीलें न केवल न्याय प्रदान करने के लिए रही, बल्कि ऐसी मिसालें स्थापित करने के बारे में भी थी जो आने वाले वर्षों में पूरे समुदाय के लिए लागू हों।
माननीय श्री राम नाथ कोविन्द के अध्यक्षीय भाषण में जस्टिस आरसी लाहोटी के साथ हुई मुलाकातों के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि वे जिस किसी से भी मिलते से अमिट छाप छोड़ते थे। उन्होंने ऐसी शख्सियत पर लेक्चर सीरीज शुरू करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि शायद ही कभी हमें जस्टिस लाहोटी जैसे व्यक्ति मिलते हैं, जो न्यायिक स्वतंत्रता, अखंडता, अपने विचारों को व्यक्त करने में गहरी विनम्रता और कानून के शासन को बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने भावी वकीलों
‘हरियाणवी पगड़ी’ पर्यटकों का ध्यान कर रही आकर्षित
Faridabad :...
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