खादी ग्रामोद्योग की स्टाल बनी पर्यटकों का पसंदीदा ठिकाना
Faridabad : 10 फरवरी। आज के समय में खादी केवल कपड़ा नहीं, बल्कि एक स्टेटस सिंबल बन चुकी है। खादी के कुर्ते, जैकेट, ड्रेस, साड़ी, यहां तक कि जूते और बैग भी युवाओं के बीच ट्रेंड में हैं।
इन दिनों 39 वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव में खादी ग्रामोद्योग की स्टाल संख्या 812 और 832 पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। देश-विदेश से आए पर्यटक खादी से बने उत्पादों की न केवल जानकारी ले रहे हैं, बल्कि जमकर खरीदारी भी कर रहे हैं।
खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से लगाई गई इस स्टाल पर उच्च गुणवत्ता के खादी वस्त्र, हर्बल मेहंदी, धूप, ब्यूटी प्रोडक्ट्स सहित अनेक पारंपरिक एवं आधुनिक उपयोग की वस्तुएं उपलब्ध हैं। खादी उत्पादों से सजी इस स्टाल पर हर आयु वर्ग के लोग रुचि दिखा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आत्मनिर्भर भारत विजन में खादी से जुड़े उत्पादों की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लोकल फॉर वोकल की भावना को साकार करता सूरजकुंड शिल्प मेला खादी के माध्यम से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दे रहा है।
खादी बोर्ड के जिला अधिकारी अनिल दलाल ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 1 लाख से 50 लाख रुपए तक ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिसमें 15 से 35 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। इस योजना के माध्यम से लाखों लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। खादी ग्रामोद्योग जैसी संस्थाएं आज ग्रामीण कारीगरों के लिए रोजगार का सशक्त माध्यम बन रही हैं और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम साबित हो रही हैं।



