सरकाघाट, 27 जनवरी
उपमण्डल स्तरीय विधिक सेवा समिति सरकाघाट द्वारा आपदा एवं पुनर्वास, नशीले पदार्थों की रोकथाम व पर्यावरण संरक्षण पर शिव मन्दिर सरकाघाट में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पारस डोगर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, पर्यावरण संरक्षण व नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों के संबंध में कानूनी प्रावधानों, विभिन्न नीतियों, कार्यक्रमों और योजनाओं के बारे में विशेषकर युवा पीढ़ी, आम जनता, स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों में जागरूकता पैदा करना है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश पारस डोगर ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक और कानूनी दायित्व है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने से ही आपदाओं के दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है और भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।
उन्होंने आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया, उचित समन्वय और प्रभावी पुनर्वास व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर राहत, पुनर्वास और न्याय मिल सके। इस दिशा में विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाती है, जिससे आपदा प्रभावित व्यक्ति अपने अधिकारों और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने नशीले पदार्थों विशेषकर चिट्टा के बढ़ते प्रचलन पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सामाजिक ताने-बाने और युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए केवल कानून ही नहीं, बल्कि जन-जागरूकता, पारिवारिक सहयोग और समय पर कानूनी परामर्श भी आवश्यक है। उन्होंने जानकारी दी कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से नशे से पीड़ित व्यक्तियों एवं उनके परिजनों को परामर्श एवं निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जाती है।
उन्होंने आम जनता से आह्वान किया कि वे विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं, लोक अदालतों और जागरूकता कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन और नशा मुक्त समाज की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम के दौरान राजस्व विभाग की ओर से राजेश विमल ने आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, एडवोकेट वर्षा ठाकुर ने पर्यावरण संरक्षण – पर्यावरण बचाओ, धरती बचाओ और स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ अरूण कुमार ने ड्रग फ्री सोसाइटी – रेजोलूशन ऑफ भारत विषय पर उपस्थित स्कूली छात्रों, पंचायत प्रतिनिधियों अन्य उपस्थित लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान कानूनी सहायता एवं जागरूकता, राजस्व, पुलिस, विभिन्न पंचायतों व स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्टॉल भी लगाए गए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश पारस डोगर ने विभिन्न स्टॉल का निरिक्षण किया तथा आम जनमानस तक इसका लाभ पहुँचाने के निर्देश दिए।
इस दौरान सभी स्कूलों को शिविर में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने पर औषधीय पौधे भी भेंट किए गए।
इस दौरान वरिष्ठ सिविल न्यायधीश सह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट असलम बेग, सिविल जज सह न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ युद्ध वीर सिंह, एसडीएम सरकाघाट राजेन्द्र कुमार गौतम, एसएचओ सरकाघाट रजनीश ठाकुर, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आर पी सिंह सहित विभिन्न स्कूलों के छात्र छात्राए व अन्य लोग उपस्थित रहे।



