मानव रचना ने खेल विरासत और ओलंपिक उत्साह का जश्न मनाने के लिए दिग्गज ओलंपिक खिलाड़ियों की मौजूदगी में ‘ग्लोरी ऑफ 5 रिंग्स’ किया लांच

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-‘ग्लोरी ऑफ 5 रिंग्स’ ओलंपिक की भावना को जगाने के लिए कार्यक्रमों की एक सीरीज़ के तौर पर रहेगा 11 अगस्त तक जारी

-ओलंपियन योगेश्वर दत्त, दिलीप तिर्की, मानवजीत सिंह संधू, ओम प्रकाश सिंह करहाना, रानी रामपाल, रोंजन सोढ़ी ने किया उद्घाटन

फरीदाबाद, 22 जुलाई 2024

मानव रचना शैक्षणिक संस्थान (एमआरईआई) ने सोमवार को ओलंपिक खेलों के उत्साह को जगाने और छात्रों के बीच खेल भावना को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रमों की एक सीरीज़ ‘ग्लोरी ऑफ 5 रिंग्स’ का धूमधामे से शुभारंभ किया। यह भव्य समारोह कुछ दिनों में शुरू होने वाली पेरिस ओलंपिक की प्रेरक यात्रा का प्रतीक है। ‘ग्लोरी ऑफ 5 रिंग्स’ पहल का उद्देश्य छात्रों को खेल भावना के बारे में जागरूक करना, उन्हें दिग्गज एथलीटों की कहानियों के ज़रिए प्रेरित करना और खेलों में मानव रचना की उपलब्धियों का जश्न मनाना है। इस श्रृंखला में कार्यशालाएं, प्रतियोगिताएं और प्रसिद्ध खेल हस्तियों के साथ इंटरेक्शन सत्र शामिल होंगे। मानव रचना का मकसद एथलेटिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने वाले माहौल को तैयार करना है और ‘ग्लोरी ऑफ़ 5 रिंग्स’ युवाओं के बीच एक स्वस्थ व सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने की विरासत को आगे बढ़ाएगा।

इस उद्घाटन समारोह में भारत के जाने-माने ओलंपियन श्री योगेश्वर दत्त, श्री दिलीप तिर्की, श्री मानवजीत सिंह संधू, श्री ओम प्रकाश सिंह करहाना, श्री रोंजन सोढ़ी और रानी रामपाल शामिल रहे। इस दौरान ओलंपियन ने एक पैनल डिस्कशन में भाग लेकर जीवन के कई अनुभव और संघर्ष यात्रा के साथ ही ओलंपिक में पदक जीतने वाले गौरवशाली पलों को साझा किए। इस चर्चा का संचालन WION स्पोर्ट्स से आए श्री दिग्विजय सिंह देव ने किया।

खेल प्रतिभाओं को पोषित करने के लिए मानव रचना की समर्पित प्रतिबद्धता के कारण इसे 2021 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। संस्थान के कई पूर्व छात्रों ने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और ओलंपिक जैसी प्रतिष्ठित प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेकर जीत हासिल की है। इस साल, मानव रचना से पूर्व छात्रा श्रेयसी सिंह और वर्तमान छात्र अनीश भानवाला पेरिस ओलंपिक में निशानेबाजी खेल में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस साल के ओलंपिक के शेफ डे मिशन गगन नारंग मानव रचना के पूर्व छात्र हैं और पूर्व विश्व नंबर 1 और डबल ट्रैप शूटिंग में विश्व रिकॉर्ड धारक रोंजन सोढ़ी युवा छात्रों को मार्गदर्शन देने के लिए मानव रचना से जुड़े हैं। इस साल ओलंपिक में भारतीय खेल टीम की महिला ध्वजवाहक पीवी सिंधु को संस्थान ने मानव रचना उत्कृष्टता पुरस्कार देकर सम्मानित किया है।

इस दौरान अनुभव साझा करते हुए भारतीय कुश्ती चैंपियन और ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त ने कहा, “ओलंपिक में जाना हर खिलाड़ी का सपना होता है। खिलाड़ियों का जीवन बेहद मुश्किल और चुनौतीपूर्ण होता है। कई बार ज़िंदगी में ऐसे पड़ाव आते हैं कि खिलाड़ी को ज़ीरो से दोबारा करियर की शुरुआत करनी पड़ती है, इसलिए खिलाड़ियों को शारीरिक फिटनेस के साथ ही मानसिक तौर पर काफी मज़बूत रहना पड़ता है।”

ट्रैप शूटर मानवजीत सिंह संधू ने कहा, ” ओलंपिक में भाग लेना ही खिलाड़ियों के लिए बड़ी उपलब्धि है। ये मेरे लिए बेहद सम्मान और खुशी की बात है कि देश के लिए ओलंपिक में जाने और पदक जीतने का मौका मुझे मिला। भावी खिलाड़ियों को ये संदेश देना चाहूंगा कि खेलों में भागीदारी मायने रखती है, हार या जीत को खुद पर हावी ना होने दें।”

भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान दिलीप तिर्की ने कहा, “इस खेल में देश का प्रतिनिधित्व करना एक बहुत बड़ा सम्मान है। आज के युवा, जो खेलों में अपना करियर बनाना चाहते हैं उनके पास पहले के मुकाबले आगे बढ़ने के बहुत ज़्यादा अवसर हैं। अपना लक्ष्य ऊंचा रखें, दृढ़ निश्चय के साथ काम करें और लगातार सफलता पाने के प्रयास करें सफलता ज़रूर मिलेगी।”

भारतीय शॉट पुट चैंपियन ओम प्रकाश सिंह करहाना ने कहा, “ओलंपिक में भाग लेना हर किसी के लिए बेहद सम्मान और गौरव की बात होती है। हर खिलाड़ी खेलों के लिए सालों तक खुद को तैयार करते हैं। जिस तरह हर क्षेत्र में संघर्ष होता है उसी तरह खेलों में भी एथलीट बड़ी चुनौतियों का सामना करते हैं।”

भारतीय हॉकी खिलाड़ी रानी रामपाल ने कहा, ” इस प्रतिष्ठित मंच पर मुझे आमंत्रित करने के लिए मानव रचना का दिल से आभार व्यक्त करती हूं। मैंने 2008 में ओलंपिक क्वालीफायर के दौरान अपनी ओलंपिक यात्रा शुरू की और मुझे भारतीय टीम का हिस्सा होने और पदक दिलाने पर गर्व है। खेलों से मैंने दृढ़ता का अमूल्य सबक सीखा है। जब असफलताओं का सामना करना पड़ता है, तो हमें अपने लक्ष्यों को नहीं छोड़ना चाहिए, बल्कि सफलता प्राप्त करने के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाशने चाहिए।”

मानव रचना शैक्षणिक संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ. अमित भल्ला ने कहा, “मानव रचना शैक्षणिक संस्थान में हमारा मिशन असाधारण खेल प्रतिभाओं को पोषित करते हुए उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करना है। युवा खेलों में भागीदारी, बेहतरीन प्रशिक्षण और भारत के एथलीटों के लिए मजबूत समर्थन के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता सर्वोपरि है। ओलंपिक 2024 का विशेष महत्व है, क्योंकि हमारे दो प्रतिष्ठित पूर्व छात्र वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं।”

ओलंपियन और डबल ट्रैप शूटर श्री रोंजन सोढ़ी ने कहा, “ओलंपिक में जाने वाला हर खिलाड़ी पदक जीतने के इरादे से ही खेलों में भाग लेता है। मानव रचना में ओलंपियनों के इस शानदार उत्सव का गवाह बनकर मैं बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं। ओलंपियन का समर्पण और सफलता हम सभी को प्रेरित करती है, जोकि संस्थान में पोषित उल्लेखनीय प्रतिभा को दर्शाती है।”

मानव रचना शैक्षणिक संस्थानों (एमआरईआई) के बारे में

मानव रचना शैक्षणिक संस्थान (एमआरईआई) भारत में उच्च शिक्षा में एक प्रमुख नाम है, जो शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान और समग्र छात्र विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता के लिए प्रसिद्ध है। खेल और पाठ्येतर गतिविधियों पर ज़ोर देने के साथ, एमआरईआई ने कई एथलीटों को तैयार किया है जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की है।

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