शिल्पकार ने कहा- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रहा सूरजकुंड मेला
Faridabad : 03 फरवरी। अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार अपने पारंपरिक हस्तशिल्प एवं उत्पादों के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। इसी कड़ी में स्टाल नंबर 326 पर मेघालय से आईं इल्डा सुगोट बांस से बने आकर्षक और उपयोगी उत्पादों के साथ आगंतुकों का ध्यान खींच रही हैं।
शिल्पकार इल्डा सुगोट ने बताया कि उनके द्वारा तैयार किए गए बांस से बने उत्पाद पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ टिकाऊ और आकर्षक भी हैं, जिन्हें लोग काफी पसंद कर रहे हैं।उनके स्टाल पर बांस से बनी टोकरी, चिमटा, बच्चों के खिलौने, फ्लावर बास्केट, बैंबू पंखे सहित कई पारंपरिक एवं हस्त निर्मित वस्तुएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा, उनके पास हल्दी,आंवला कैंडी, तेजपत्ता, चुन डाल, चिन्नी जैसे घरेलू एवं प्राकृतिक उत्पाद भी बिक्री के लिए रखे गए हैं, जो ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं।
इल्डा सुगोट ने बताया कि सूरजकुंड मेला के माध्यम से हरियाणा सरकार शिल्पकारों को अपनी कला और उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए बेहतरीन मंच प्रदान कर रही है। इस मेले के माध्यम से न केवल पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि स्थानीय कारीगरों और उत्पादों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का भी अवसर मिल रहा है।अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला देश की विविध संस्कृति,कला और हस्तशिल्प को एक ही मंच पर प्रस्तुत कर लोकल टू ग्लोबल की भावना को मजबूत कर रहा है। उन्होंने सूरजकुंड मेले के आयोजन के लिए हरियाणा सरकार का आभार भी जताया।



