● महाराष्ट्र के स्किलिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
● इस पहल के तहत 2030 तक राज्य के सभी 36 जिलों में 45 आईटीआई विकसित करने का लक्ष्य
छत्रपति संभाजीनगर, 06 मार्च 2026: Toyota Kirloskar Motor (टीकेएम) ने आज छत्रपति संभाजीनगर में सरकारी आईटीआई देवगिरी के सफल उन्नयन की घोषणा की। यह महाराष्ट्र सरकार के साथ हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत राज्य के इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आईटीआई) इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके अलावा, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने मराठवाड़ा और नागपुर डिवीजन के 16 सरकारी आईटीआई के उन्नयन में भी सहयोग दिया है।
इस साझेदारी का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को विश्वस्तरीय तकनीकी कौशल प्रदान करना है, ताकि वे कुशल तकनीशियन बन सकें और भारत के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
महाराष्ट्र के लिए नया रोडमैप
महाराष्ट्र में यह पहल तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित होगी:
● फैकल्टी डेवलपमेंट:
ट्रेन-द-ट्रेनर (T3) प्रोग्राम, ज्ञानवर्धन सत्र और कौशल विकास कार्यशालाएँ, जो टोयोटा के बिदादी प्लांट में आयोजित की जाएँगी।
● लैब उपकरण, वर्कशॉप अपग्रेडेशन और सामग्री:
उद्योग से जुड़े उपकरण जैसे फंडामेंटल स्किल ट्रेनिंग (FST) किट, डेक्स्टेरिटी मॉड्यूल, विज़ुअल लर्निंग बोर्ड और अन्य मानकीकृत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
● संस्कृति परिवर्तन:
शारीरिक और मानसिक विकास से जुड़ी दिनचर्या, दैनिक अनुशासन अभ्यास, कक्षा नैतिकता, टोयोटा की वैश्विक 5S प्रणाली, पर्यावरण जागरूकता और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लागू किया जाएगा। इसके साथ ही युवाओं में अनुशासन, विनम्रता, कृतज्ञता और सेवा भाव जैसे मूल्यों को भी विकसित किया जाएगा।
तीन चरणों में लागू होगा कार्यक्रम
यह कार्यक्रम अधिकतम प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए तीन चरणों में लागू किया जा रहा है:
● चरण 1 (2025–26): मराठवाड़ा और नागपुर डिवीजन के 17 आईटीआई – पूरा
● चरण 2 (2026–28): अमरावती और नासिक डिवीजन में विस्तार
● चरण 3 (2029–30): मुंबई और पुणे डिवीजन के संस्थानों को शामिल किया जाएगा
इस साझेदारी के तहत उन्नत सरकारी आईटीआई देवगिरी को पूरे राज्य में एक डेमोंस्ट्रेशन मॉडल के रूप में विकसित किया गया है, ताकि एक संरचित और विस्तार योग्य स्किलिंग फ्रेमवर्क लागू किया जा सके। यह पहल 2030 तक महाराष्ट्र के 36 जिलों में 45 आईटीआई विकसित करने की टोयोटा की व्यापक प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
इसके अलावा, इस शैक्षणिक वर्ष से संस्थान में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस दोनों प्रकार के स्किल सेट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे छात्रों को ऑटोमोटिव उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप रोजगार के अधिक अवसर मिल सकें।
कार्यक्रम में क्या कहा गया
कार्यक्रम में बोलते हुए महाराष्ट्र सरकार के कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार मंत्री Mangal Prabhat Lodha ने कहा:
“हमारे युवा महाराष्ट्र के भविष्य की नींव हैं और उनके कौशल व सपनों को विकसित करके हम आत्मनिर्भर समाज का निर्माण कर रहे हैं। टीकेएम के साथ यह सहयोग युवाओं को उद्योग से जुड़े प्रशिक्षण देने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे उनका आत्मविश्वास और रोजगार क्षमता बढ़ेगी और वे राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकेंगे।”
वहीं Vikram Gulati, एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट – कॉरपोरेट अफेयर्स एंड गवर्नेंस, Toyota Kirloskar Motor ने कहा:
“टोयोटा किर्लोस्कर मोटर में हम मानते हैं कि ग्रामीण भारत के युवाओं को भी वही अवसर मिलने चाहिए जो शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध हैं। हमारा उद्देश्य उन्हें विश्वस्तरीय तकनीकी कौशल प्रदान करना है ताकि वे अपने करियर में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें और देश की प्रगति में योगदान दे सकें।”
यह आईटीआई उन्नयन पहल भारत सरकार की Skill India Mission के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य आईटीआई को मजबूत बनाना और युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कौशल प्रदान करना है। टोयोटा और महाराष्ट्र सरकार की यह साझेदारी वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग विशेषज्ञता के माध्यम से क्षेत्रीय कौशल चुनौतियों को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।



