रेलवे की बदहाली: ट्रेन 11078 में पानी-टॉयलेट के लिए तरसे यात्री, आरक्षित सीटों पर भी कब्जे का आरोप

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जम्मू–पुणे ट्रेन में बदहाली का आलम: पानी से लेकर सफाई तक यात्री परेशान, आरक्षित सीटों पर भी कब्जे की शिकायत
ट्रेन संख्या 11078 में यात्रियों ने अव्यवस्थाओं को लेकर जताई नाराजगी, हेल्पलाइन पर शिकायत के बावजूद तत्काल समाधान नहीं होने का आरोप
नई दिल्ली/आगरा। (अनुराग शर्मा)
भारतीय रेलवे यात्रियों को बेहतर एवं सुरक्षित यात्रा सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे करता है, लेकिन ट्रेन संख्या 11078 (जम्मू से पुणे) में सफर कर रहे यात्रियों ने व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर शिकायतें सामने रखी हैं।
यात्रियों के अनुसार ट्रेन के कोच में पानी की समस्या, शौचालयों में गंदगी और साफ-सफाई की कमी के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों का कहना है कि उन्होंने रेलवे हेल्पलाइन पर फोन कर शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन तत्काल समाधान नहीं हुआ। शिकायत के जवाब में उन्हें अगले स्टेशन पर पानी भरने की बात कही गई।
आरक्षित सीटों पर अनधिकृत यात्रियों के बैठने की शिकायत
यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि आरक्षित कोच में कई ऐसे लोग यात्रा करते दिखाई दिए, जिनके पास संबंधित सीट का आरक्षण नहीं था। यात्रियों के मुताबिक, कुछ लोगों द्वारा आरक्षित सीटों पर बैठे यात्रियों को उठने के लिए कहा गया और यह दावा किया गया कि वे रेलवे स्टाफ से जुड़े हैं।
यात्रियों का कहना है कि जिन लोगों ने टिकट लेकर अपनी सीट आरक्षित कराई है, उन्हें अपनी ही सीट पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे खासकर परिवार, बुजुर्ग और महिला यात्रियों को असुविधा होने की बात सामने आई है।
आगरा कैंट के बाद सुरक्षा और टिकट जांच को लेकर सवाल
शिकायत के अनुसार आगरा कैंट के बाद धौलपुर से झांसी तक आरक्षित कोचों में अनधिकृत यात्रियों की मौजूदगी से यात्रियों को परेशानी हुई। वहीं, यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली के बाद से खंडवा तक लंबे हिस्से में टिकट जांच के लिए टीटीई के नियमित रूप से दिखाई नहीं देने से बिना उचित टिकट यात्रा करने वालों पर नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े हुए।
रेलवे प्रशासन से कार्रवाई की मांग
यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि ट्रेन संख्या 11078 में पानी, शौचालय, सफाई और आरक्षित कोचों की व्यवस्था की तत्काल जांच की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि आरक्षित सीटों पर केवल वैध टिकट/आरक्षण वाले यात्री ही यात्रा करें और बिना टिकट या अनधिकृत रूप से यात्रा करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई हो।
यात्रियों का कहना है कि रेलवे हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद यदि समस्या का समाधान समय पर नहीं होता, तो हेल्पलाइन व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
अब सवाल यह है कि यात्रियों से पूरा किराया और आरक्षण शुल्क लेने के बाद उन्हें मूलभूत सुविधाओं और अपनी आरक्षित सीट के लिए भी संघर्ष क्यों करना पड़ रहा है?
रेलवे के संबंधित अधिकारियों से उम्मीद है कि वे शिकायतों का संज्ञान लेकर ट्रेन संख्या 11078 की व्यवस्थाओं की जांच कर यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ जिम्मेदार कर्मचारियों/व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।

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