
सूरजकुंड, 24 मार्च। बुए बारियां के नाले कंडा टप दे, के आवांगी हवा बण कै…पंजाबी गीत सुनाकर मशहूर गायिका रिंकू कालिया ने चौपाल की शाम को मौसिकी के रंग में डुबो दिया। यहां मंच पर पर्यटन विभाग के प्रबंध निदेशक एमडी सिन्हा व मेला प्रशासक डा. नीरज उपस्थित रहे।मेला की शाम को हिंदुस्तानी संगीत से सजाने के लिए अंबाला की डा. रिंकू कालिया को आमंत्रित किया गया था। उन्होंने महान गायिका लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी स्वर लहरी में गाया गया अजीब दास्तां है ये, कहां शुरू कहां खत्म सुनाया। उसके बाद आशा भोंसले का गाना आइए मेहरबां..बैठिए जाने जां…को उन्होंने अपना खूबसूरत अंदाज दिया। आज दिन चढय़ा, तेरे लंघ वरगा…आदि गानों से इस महफिल को अंजाम तक पहुंचाया रिंकू कालिया ने। उससे पहले इस मंच पर पंछी बैंड ने अपनी प्रस्तुति दी थी। इस मौके पर उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के शीर्ष अधिकारी विकास मलिक भी मौजूद रहे।