संसद में दो कृषि बिल पास और बिल को लेकर संसद से सड़क तक बवाल

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Front News Today

Front News Today/Rudra Prakash:हाल ही में संसद में दो कृषि बिल पास हुए, जो काफी चर्चा में रहे, इस बिल को लेकर सरकार को काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा, है, और विपक्ष भी इसको लेकर हमलावर रहा है, अभी हाल ही में इस बिल को लेकर बीजेपी की सहयोगी पार्टी और खाद्य प्रसंस्करण मंत्री l हरसिमरत कौर ने इस्तीफा दे दिया, इस बिल को लेकर संसद से सड़क तक काफी बवाल मचा हुआ है,और देश के अन्नदाता रोड पर आ गए हैं, सरकार के भीतर ही इस पर असहमतियां है , पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपना-अपना तर्क दे रहे हैं, वैसे सरकार का कहना है कि 2022 तक किसानों को आय दोगुनी करने का प्रयास किया जा रहा है, लोकसभा में भारी विरोध के बावजूद दिया बिल पास हो गया, इस बिल में ऐसा क्या है जिसको लेकर भारी विरोध हो रहा है,और इस बिल से बाजार पर क्या असर पड़ेगा आइए जानते हैं।
1- कृषि उपज ,व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधायक: उपज पूरे भारत में कहीं भी बेच सकेंगे और ऑनलाइन बिक्री भी होगी इससे बेहतर दाम भी मिलेंगे।
2- कीमत आश्वासन तथा कृषि सेवाओं किसान ( सशक्तिकरण और संरक्षण ) विधेयक: आपूर्ति चेन की एक श्रृंखला तैयार होगी, बिचौलिए खत्म होंगे, इससे किसान को सीधा लाभ होगा।
3-आवश्यक वस्तु ( संशोधन ) विधेयक:-लोगों के रोजमर्रा के जीवन में उपयोग होने वाली चीजें जैसे अनाज खाद्य तेल, आलू,प्याज अब अनिवार्य वस्तु नहीं रहेगी, कृषि में विदेशी निवेश होगा।
विरोध करने का कारण
1- इन सब विधेयक मंडी या खत्म हो जाएंगी इससे किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलेगा, वन नेशन वन एमएसपी होना चाहिए
2- सब विधायक में कीमतें तय करने का कोई अवधारणा नहीं दी गई है, इससे निजी कंपनिया को शोषण करने का एक तरीका मिल जाएगा, और किसान मालिक से मजदूर हो जाएगा।
3-इससे कीमतों में आस्थिरता आएगी, जमाखोरी को बढ़ावा मिलेगा तथा कालाबाजारी बढ़ा सकती है,और खाद्य सुरक्षा खत्म हो सकती है।
हालांकि इस बिल को लेकर अध्यादेश से ही विरोध हो रहा है, जिसमें अकाली दल प्रमुख पार्टी रही है, बीजेपी के सहयोगी पार्टी अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने लोकसभा में कहा कि इस बिल के विरोध में खाद्य और प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर अपने मंत्री पद से इस्तीफा देंगी। हालांकि सरकार ने कहा है कि निवेश बढ़ने से पहले अनाज खराब हो जाता था जो अब नहीं होगा, उपभोक्ताओं को सीधा किसान से उत्पाद करने खरीदने की आजादी मिलेगी, कोई टेंशन नहीं होने की वजह से किसान को अधिक लाभ होगा और उपभोक्ता को कम दाम में वस्तु प्राप्त हो सकेगी
इसमें केंद्र सरकार एक सूचना प्रणाली विकसित करेगी, जिसमें किसानों के ऊपर और मूल्य के बारे में जानकारी मिलेगी, कोई विवाद होने पर एक कमेटी गठित किया जाएगा जो 30 दिनों के अंदर इसका समाधान करेगा।
इस बिल का उद्देश्य प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से विपणन लागत को कम करना, और फसल उपरांत नुकसान को कम करने में मदद करना, किसानों को उपज की बिक्री करने में पूरी स्वतंत्रता होगी, इससे किसान सशक्त होगा, इस विधेयक को पारित होने के बाद किसान अपने मर्जी का मालिक होगा।
इसमें एक और बात कही गई है जो बहुत ही महत्वपूर्ण है कांटेक्ट फार्मिंग को बढ़ावा दिया जाएगा
वही चंद्र कृष्ण मंत्र का कहना है कि विधेयक किसानों को आजादी देने वाला है
वही पीएम नरेंद्र मोदी का कहना है कि इन विधायक के बाद भी एमएसपी और सरकारी खरीद की व्यवस्था बनी रहेगी।

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