सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय मेले में हरियाणा खादी ग्रामोद्योग के स्वदेशी उत्पाद पर्यटकों को आ रहे पसंद

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फ़रीदाबाद: 39 वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव में देशभर से आए शिल्पकार और ग्रामोद्योग से जुड़े उद्यमी अपने पारंपरिक और स्वदेशी उत्पादों के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। इसी कड़ी में स्टॉल नंबर-832 पर हरियाणा खादी ग्रामोद्योग द्वारा लगाए गए स्टॉल पर उपलब्ध प्राकृतिक, शुद्ध और स्वदेशी उत्पाद लोगों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहे हैं।

स्टॉल के संचालक प्रवीण ने बताया कि उनके पास लगभग 15 से 20 प्रकार के विभिन्न उत्पाद उपलब्ध हैं, जिनमें धूप, अगरबत्ती, परफ्यूम, इत्र, अचार, देसी घी के लड्डू,अलसी और चना से बने पौष्टिक उत्पाद प्रमुख रूप से शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सभी उत्पाद प्राकृतिक सामग्री से तैयार किए गए हैं और स्वास्थ्य के लिहाज से भी उपयोगी हैं।

प्रवीण ने जानकारी दी कि उनके स्टॉल पर उपलब्ध अलसी और चना से बने देसी घी के लड्डू की कीमत लगभग 800 रुपये रखी गई है, जबकि अन्य वस्तुएं 50 रुपये से लेकर 800 रुपये की किफायती रेंज में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य यह है कि हर वर्ग के लोग स्वदेशी और ग्रामोद्योग के उत्पादों तक आसानी से पहुंच सकें।

प्राकृतिक सुगंध और स्वदेशी गुणवत्ता का संगम :
स्टॉल पर उपलब्ध धूप, अगरबत्ती, परफ्यूम और इत्र अपनी प्राकृतिक खुशबू, लंबे समय तक टिकने वाली सुगंध और पारंपरिक निर्माण प्रक्रिया के कारण पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं। वहीं, देसी घी और अचार पारंपरिक स्वाद और शुद्धता के लिए लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।

पर्यटकों का कहना है कि हरियाणा खादी ग्रामोद्योग के ये उत्पाद केमिकल-फ्री, स्वदेशी और स्वास्थ्य के अनुकूल हैं, जिससे वे बाजार में मिलने वाले सामान्य उत्पादों की तुलना में अधिक भरोसेमंद और उपयोगी प्रतीत होते हैं।

ग्रामीण उद्योग को मिल रहा बढ़ावा :
प्रवीण ने बताया कि हरियाणा खादी ग्रामोद्योग का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण उद्योग को बढ़ावा देना, स्थानीय कारीगरों और किसानों को रोजगार उपलब्ध कराना तथा आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करना है। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों के निर्माण में कई ग्रामीण परिवार और छोटे उद्यमी जुड़े हुए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि सूरजकुंड मेला जैसे बड़े सांस्कृतिक और व्यावसायिक मंच ग्रामोद्योग से जुड़े लोगों के लिए अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं।

पर्यटकों में स्वदेशी उत्पादों के प्रति बढ़ती रुचि :
मेले में आने वाले पर्यटकों का कहना है कि आज के समय में लोग स्वदेशी, प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। खासकर धूप, अगरबत्ती, इत्र, देशी घी और पारंपरिक अचार जैसे उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। कई खरीदारों ने बताया कि वे यहां से उत्पादों को घरेलू उपयोग के साथ-साथ उपहार के रूप में भी खरीद रहे हैं,

स्टॉल नंबर-832 पर हरियाणा खादी ग्रामोद्योग के उत्पाद यह साबित कर रहे हैं कि स्वदेशी, शुद्ध और प्राकृतिक वस्तुओं की मांग आज भी मजबूत बनी हुई है और लोग भारतीय ग्रामोद्योग के उत्पादों पर विश्वास कर रहे हैं।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम :
प्रवीण ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व और पर्यटन मंत्री डा. अरविंद कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में सूरजकुंड मेले का सफल आयोजन किया जा रहा है। मेले केवल उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि वे ग्रामीण कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाना, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना और भारतीय संस्कृति को नई पहचान दिला रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में वे अपने उत्पादों की श्रृंखला को और अधिक विस्तारित करेंगे और देशभर में हरियाणा खादी ग्रामोद्योग के उत्पादों को नई पहचान दिलाएंगे।

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